सांस्कृतिक

व्‍यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है वह जो सोचता है वही बन जाता है।* *-भगवान महावीर-*

माणुसकी फाउंडेशन,, येवला*

व्‍यक्ति अपने विचारों से निर्मित एक प्राणी है वह जो सोचता है वही बन जाता है।*

*-भगवान महावीर-*

भगवान की सिर्फ पूजा और दर्शन करणे से पुण्य नही मिलता, उनके सिद्धांतो पर चलणे से ही सही पुण्याअर्जन होगा.भगवान महावीर ने सबसे पहले कहा था सबसे खतरनाक अगर कूछ है तो वो है विचारो का दारिद्र्य हमे विचारो के दारिद्र्य को दूर कर अपने विचार सुधारने चाहीये,सत्य,अहिंसा,त्याग,तप ,जियो और जिने दो इन संदेशो को जैनो तक सीमित ना रखे,,,,आज समुचे विश्व को भगवान महावीर के सिद्धांतो की जरूरत है,उन्हे अभिप्रेत सर्वधर्मसमभाव वाला काम करे…

*माणुसकी फाउंडेशन,, येवला*

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